ईश्वर और शांति
मैं और तुम
अमूमन हम सब
ईर्ष्या और इच्छाओं में लिप्त
देखो
अमूमन हम सब
ईर्ष्या और इच्छाओं में लिप्त
देखो
उन कुछ शांत और स्थिर संतो को
चेहरे में संतोष और सुकून की लकीरें
दृढ़ है जो अपने विश्वास पर
अडिग है अपनी आस्थाओ पर
चले आ रहे हज़ारो
दुःखी और व्याकुल मन
जिनके पास
ईश्वर और शांति को खोज में।
अडिग है अपनी आस्थाओ पर
चले आ रहे हज़ारो
दुःखी और व्याकुल मन
जिनके पास
ईश्वर और शांति को खोज में।
~~~अशोक सिंह'अश्क़'
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