सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
हमेशा देर कर देता हूँ
हमेशा देर कर देता हूँ मैं ज़रूरी बात कहनी हो कोई वादा निभाना हो उसे आवाज़ देनी हो उसे वापस बुलाना हो हमेशा देर कर देता हूँ मैं मदद करनी हो...
-
मैं पीडा का राज कुंवर हूँ, तुम शहजादी रूपनगर की, हो भी गया प्रेम हममें तो बोलो, मिलन कहाँ पर होगा | मेरा कुरता सिला दुखों ने, बदना...
-
नज़्म ~दोस्ती जब पता चला कि तुम्हारी मोहब्बत हमे तोड़ने के लिए थी तो आंखों के कोने से अश्क़ की दो बूंदे लुढ़क आ...
-
सुनो... क्या तुम ठीक हो ? सच सच बताओ... लगता तो नही कि तुम ठीक है, लगता तो ऐसा है जैसे कुछ कहना चाहती हो। लेकिन कह नही...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें